
कभी तुम भी अपना वादा निभाया करो
मेरे याद करने से पहले याद आया करो
आँखें रात भर रास्ता तुम्हारा तकती हैं
किसी रोज ख्वाब में आके चौंकाया करो
बद्दुआ बेशक मुझे तुम यूँ ही करते रहना
इसी बहाने नाम मेरा लबों पे लाया करो
मुझको अब जख्म नयी बात नहीं लगते
वफ़ा की जो हो सजा आके सुनाया करो
बाम पे आता हूँ मैं बस तुम्हारी खातिर
ईद का ही सही माहताब बन जाया करो
गर शक हो तुमको मेरे इश्क के जज्बों पे
मांग के जान तुम मुझको आजमाया करो
सबा आयेगी तो बहार लाएगी जरुर "राज"
रौशनी बिखरेगी घर के ये पर्दे उठाया करो